Friday, June 7, 2013

जब हम अपने आप को भ्रम में जकड़ कर समाज या देश का संचालक समझ लेते हैं उसी वक़्त से हमारा अपना संचालन बिगड़ जाता है। भारत में कई,राजा, महाराजा, बादशाह, शहंशाह, तानाशाह आदी हुये जिनके पतन का संभवतः यही वज़ह रही। भारत ऋषि मुनियों का देश है जहाँ प्रकृति,समाज और तक़दीर महत्वपूर्ण पात्र हैं हम सभी और देश के जीवन में। इस लिये सेवक बनिये न की संचालक। संचालन का काम ऊपर वाले का है, हमारा या आप का नहीं। आइये "सभी राजनीतिज्ञ" सेवा में जुट जाएँ अपने संभावित भ्रम से निकल कर। 

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