Sunday, April 28, 2013

ईश्वर यहीं कहीं हैं हम सभी के बीच । जरा सोचिये आप कहीं किसी से मिलने किसी काम से जा रहे हों। अकसर आप के मन को पूर्व आभास हो जाता है की काम का परिणाम क्या होगा। ये पूर्व आभास आप को कोई कराता है। कोई अदृश्य शक्ति- ये अदृश्य शक्ति या भावना कौन है जो हमारे अन्दर इस भावना को जागृत कर देता है? ये भावना स्वतः ही सही मगर ये किस के द्वारा जगाई गयी है? कहीं ये अदृश्य शक्ति ईश्वर तो नहीं?

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